क्या आप जानते है बच्चों को सेरेलक कब खिलाना चाहिए। जानिए सेरेलक से जुड़ी Most important tips

बच्चों को सेरेलक

वैसे से तो 6 month के बाद से बच्चों को सेरेलक देना start कर देते है। फिर भी कई सारे सवाल parents के मन में रहते है। जैसे बच्चों को सेरेलक कब देना शुरू करें? क्या सेरेलक के कोई side effects होते हैं? बच्चों को सेरेलक किस तरह से खिलाते है? क्या हम home made सेरेलक बना सकते है? सेरेलक घर पर कैसे बनते है? उसका विधि क्या है? ऐसे कई सारे सवाल parents के मन में जरुर आते है। हम इस article में सेरेलक से जुड़ी सारी बातों को जानेंगे। जिस से parents के मन के doubts को clear किया जा सकें।

बच्चों को सेरेलक
बच्चों को सेरेलक

 

इस article में हम जानेंगे बच्चों को सेरेलक कब, कौन सा और कितना दे? सेरेलक देते समय हमें किन बातों का ध्यान रखना है? बच्चों को सेरेलक के क्या फायदे और क्या नुकसान होते है? घर पर सेरेलक कैसे बनाए? सेरेलक बनाने की क्या विधि होती है? ऐसे सेरेलक से जुड़े कई सारे सवालों को हम जानेंगे।

 

सेरेलक क्या हैं ?
सेरेलक को हम बच्चे का पहला food भी कह सकते है। जन्म से 6 माह तक बच्चा पूरी तरह से मां के दूध पर ही निर्भर रहता है। और यह बच्चे के लिए जरूरी भी है। बच्चे के लिए मां का दूध ही अमृत होता है। 6 माह के उपरांत जब हम बच्चे को solid food देने के लिए सोचते है तो सब से पहले सेरेलक का ही नाम आता है।क्यो कि सेरेलक में fiber rich nutrition होते है। फाइबर की अधिक मात्रा होने से बच्चे को constripition का सामना नहीं करना पड़ता है। और वह आसानी से consume कर के digest कर सकता है।

बच्चों को सेरेलक कब, कौन सा और कितना दे?

parentsके सबसे ज्यादा सवाल इसी categery में आते हैं। 6 माह के उपरांत कब सेरेलक शुरू करें? मार्केट में मिलने वाले सेरेलक दे या घर पर बना सेरेलेक हम बच्चों को दे? मार्केट में कई तरह के सेरेलेक avilable है उस में से कौन सा सेरेलेक सब से पहले बच्चे को दे? सेरेलक देते समय उसकी कितनी quantity होनी चाहिए? और हम जब सेरेलेक बनाते है तो दूध में डालकर बनाना चाहिए या पानी में डालकर बनाना चाहिए? ऐसे कई सवाल होते है जो नए parents होते है उनके मन के आते है।

बच्चों को सेरेलेक कब से शुरू करें।

6 माह के उपरांत बच्चों को solid food देना चाहिए। यह normally कहां जाता है। कुछ parents थोड़ी जल्दबाजी करते है हुए बच्चे को चौथे या पांचवे महीने से ही सॉलिड foods जैसे सेरेलेक देना शुरू कर देते है। लेकिन parents को जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए normally 6 माह के बाद पहले या दूसरे week में आपको बच्चे को solid foods जैसे सेरेलेक देना शुरू करना चाहिए।

यदि आपका बच्चा farmulla milk पिता हो तो आप 5 माह के दूसरे या तीसरे week से भी बच्चे को सेरेलेक देना शुरू कर सकते हो। लेकिन चौथे महीने से बच्चे को solid food देना बच्चे के लिए harmful हो सकता है।

 

बच्चों को सेरेलेक देते समय शुरवात में कितना देना चाहिए।

जब हम बच्चे को कोई भी solid foods स्टार्ट करते है तब उसकी quantity हमें काफी कम रखनी है। क्यो कि अभी तक बच्चा पूरी तरह से मां के दूध पर ही depend था। जब हम बच्चे को सेरेलक देना शुरू करते है तो एक या दो चम्मच ही हमें उस खिलाना है। और देखना है उसका कैसा मन हो रहा है। बच्चा और भी मांग रहा है ऐसा आप को लगे तो बच्चे के according धीरे धीरे आपको उसकी quantity को बढ़ाना है।

 

मार्केट में मिलने वाले सेरेलक दे या घर पर बना सेरेलेक हम बच्चों को दे।

वैसे तो घर की बनी हुई चीज़ बाहरवाले चीज़ से हमेशा ज्यादा better होती है। घर की fresh चीजें हमेशा बाहर की पैक चीजों से बेहतर पाई जाती है। सेरेलक के साथ भी इस बात को हम जोड़ सकते है। मार्केट में को पैक बना बनाया सेरेलेक मिल रहा है उस से better घर पर बनाया सेरेलेक होता है क्यो की घर के बने हुए सेरेलेक में ऐसा कोई भी preservative नहीं होता जितना की बाहर के पैक सेरेलेक में होता है।इसलिए मार्केट ने मिलनेवाले सेरेलेक से ज्यादा benefit घर पर बने सेरेलेक से हो सकता है।

 

बच्चों को कौन सा सेरेलेक हम दे सकते है।

किसी reason के वजह से हम घर पर सेरेलेक नहीं बना सकते। मार्केट में कई तरह के अलग अलग कंपनियों के सेरेलेक available होते हैं तो हमें इनमें से कौन सा बच्चों को सेरेलेक देना चाहिए यह आम सवाल कई parents के मन में आता है। तो आपको nestle का सेरेलेक लेना चाहिए। क्यो कि nestle का सेरेलेक बच्चों के month vise available होता है। जिसे आप बच्चे के month के हिसाब से बच्चे को दे सकते है।

 

बच्चों को सेरेलक दूध से देना चाहिए या पानी से देना चाहिए।

बच्चों को सेरेलक दूध से देना चाहिए या पानी से देना चाहिए तो यह जानना भी आपके लिए आवश्यक है। शुरवात में बच्चे को पानी से ही सेरेलेक देना चाहिए। क्यों की 6 महीने से बच्चा मां के है दूध पर निर्भर है। बाहरी दूध बच्चा diegest कर नहीं पाएगा। शुरू में आपको बच्चे को पानी से ही सेरेलेक देना है। फिर आगे एक या दो चम्मच दूध मिलाकर देखना है कि बच्चा अच्छे से diegest कर पा रहा है या नहीं। अगर बच्चा अच्छे से diegest कर पा रहा है तो आपको धीरे धीरे पानी की जगह दूध का इस्तेमाल करना चाहिए।

 

बच्चों को सेरेलक देते समय हमें किन बातों का ध्यान रखना है?

बच्चों को सेरेलेक देते समय कुछ बातों का जरूर ध्यान रखें। कभी कभी हम कुछ बातों पर ध्यान नहीं देते और वह हमारे बच्चे के लिए काफ़ी harmful हो सकता है।

    • जब भी मार्केट से सेरेलेक purchase करें तो हमें उस pack पर expiry date देख कर ही purchase करना है। इस बात जा जरूर ध्यान रखें।
    • सेरेलक देने की शुरवात करने के बाद भी हमें बच्चे को मां का दूध पिलाना ही है। मां का दूध बच्चे के लिए अमृत होता है। और बच्चे को कम से कम 2 साल तो मां का दूध मिलना आवश्यक है।
    • बच्चे को feeding करते समय आप first priority मां के दूध को दे। second priority घर का खाना जैसे डाल का पानी, चावल का पानी इसे दे। और third priority सेरेलेक को दे। पूरी तरह से सेरेलेक पर निर्भर ना रहें।
    • सेरेलक के pack से एकबार सेरेलेक इस्तेमाल करने पर उस पैक को अच्छे से cover करने रखना ना भूलें। अगर आप उसे अच्छे से cover नहीं करेंगे तो pack के अंदर का सेरेलेक नमिं पकड़ लेगा। और उसका nutrition खत्म हो जाएगा।
    • मार्केट से purchase किया हुआ सेरेलेक के पैक का इस्तेमाल maximum 20 से 25 दिन ही करें। उसके बाद उस पैक का बच्चों को सेरेलक ना दे।
    • मार्केट में month vise सेरेलेक मिलता है तो आप को जिस month का आपका baby है उसी month का सेरेलेक देना है। क्यों की वह उस month के बच्चे के deigst के हिसाब से ही बनाया जाता है।

बच्चों को सेरेलक के क्या फायदे और क्या नुकसान होते है।

अगर आप भी अपने बच्चों को सेरेलक खिलाते हो तो आपके लिए यह जानना आवश्यक है कि बच्चों को सेरेलक खिलाने के क्या क्या फ़ायदे होते है और उसके क्या नुकसान हो सकते है।

  1. आज संशोधन में पाया गया है कि बच्चों को सेरेलक का स्वाद और उसकी महक काफ़ी पसंद आती है। और बच्चों को इसे deigst करने में कोई परेशानी नहीं होती।
  2. बच्चों को सेरेलेक देने ने के बाद बार बार भूख नहीं लगती।
  3. अगर सेरेलेक अच्छे से घोला न जाए तो उसमें गांठे बनती है जिस से कुछ बच्चों को कब्ज़, acidity, rashes का भी सामना करना पड़ सकता है।
  4. बच्चों को सेरेलक देने के शुरवाती दौर में अक्सर बच्चों को पेट का दर्द होने की समस्या आती है। अगर बच्चे को यह खिलाने के बाद पेट मे दर्द हो तो उसके गाढ़ेपन पर विशेष ध्यान दें।

घर पर सेरेलक कैसे बनाए।

सेरेलेक एक आसान फ़ूड है। जिसे पकाना नहीं पड़ता। इसलिए हर मां को बच्चे को मार्केट में मिलनेवाला सेरेलेक लेकर बच्चों को खिलाना काफी easy लगता है। लेकिन जो parents सेरेलेक मार्केट से purchase नहीं कर सकते या बाहरी पैकेट food बच्चों को देना avoid करते है। वह अपने घर में भी अपने बच्चों को सेरेलक बनाकर खिला सकते हैं। घर पर सेरेलेक बनाना काफी आसान है। हम इसे पूरे ingredients और विधि के साथ समझते हैं।

घर पर बनाएं बच्चों के लिए सेरेलक

सेरेलेक बनाने में लगने वाले ingredients

  • आधी कटोरी मूंगफली के बिज़
  • आधी कटोरी बादाम
  • एक कटोरी rost किया हुआ चना
  • एक कटोरी मुरमुरा

सेरेलक बनाने की विधि।

बच्चों को सेरेलेक घर पर बनाने की विधि अत्यंत सरल है। सबसे पहले हमें मूंगफली के बीजों को अच्छे से rost करना है।और उन्हे ठंडा करना है। फिर हमें बादाम को भी अच्छे से rost कर लेना है। ( अगर हम इन दोनों ingredients को एकसाथ rost करते है तो मूंगफली के बीज नीचे रह जाएंगे जिस कारण वह ज्यादा rost हो जाएंगे। इसलिए हमें इन दोनों ingredients को अलग अलग rost कर के ठंडा कर लेना है।

उस के बाद हमें सभी ingredients को एकसाथ मिलाकर मिक्सर में अच्छे से grind कर लेना है। और अब हमारा irons, vitamins, calcium, nutrition से भरपूर सेरेलेक बिल्कुल तैयार है। आप इसे अच्छे से पैक कर के रख सकते है और जब चाहे अपने बच्चों को सेरेलेक दे सकते हैं।

आप के लिए जरुरी
जो मार्केट में सेरेलक मौजूद होते है उन सब में एक्स्ट्रा चीनी add होती है। लेकिन घर पर बने सेरेलक में आप बच्चे के पसंद के according चीनी मिला सकती है।

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