baby care in rainy season 10 बातें बारिश के दिनों में शिशु का रखें ख्याल

baby care in rainy season

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बारिश के मौसम में कई तरह के बैक्टीरियल इन्फेक्शन में बढ़ोतरी होती है। baby care in rainy season करते वक्त हमें अपने नवजात शिशु के लिए विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है। जिस से हम अपने नवजात शिशु बैक्टीरियल और वायरल  इन्फेक्शन से बचाया जा सकें और साथ ही स्वस्थ, निरोगी, और healthy भी रख सकें। इसलिए हर माता पिता को बारिश के मौसम में अपने शिशु का ख्याल रखने के लिए कुछ बातों का अवश्य ध्यान रखना चाहिए। शिशु के लिए दैनंदिन बातों में भी थोडा बदल हम कर सकते है। जिस से हम यह सुनिश्चित कर पातें है की हम अपने शिशु को वायरल तथा बैक्टीरियल इन्फेक्शन से बचाएं और अपने नवजात शिशु को स्वस्थ रख सकें।

10 बातें बारिश के दिनों में शिशु का रखें ख्याल (baby care in rainy season)

 

1) कब करें शिशु का स्नान

baby care in rainy season में हमें ध्यान रखना है की हम अपने शिशु को साफ और स्वस्छ रखने के लिए उसका नियमित मालिश और स्नान करते है या नही। बारिश के मौसम में हमें सब से ज्यादा ख्याल इस बात का रखना है की हम अपने शिशु को साफ और सूखा रखें। ताकि गीलेपन की वजह से उसमें राशेस ना होने पायें। बारिश के मौसम में हमारे शिशु के लिए दैनिक स्नान आवश्यक नहीं है।

इसके बजाय हम अपने शिशु को गर्म तौलिये तथा साफ सूत्रे और मुलायम कपडे से स्पंज कर सकते है। या आप अपने शिशु के स्नान का वक्त बदल कर उसे स्नान करा सकते है जैसे हम अपने नवजात शिशु को दोपहर के समय गर्म स्नान करा सकते है। क्योकि शिशु को आनेवाले पसीने या किसी भी गीलेपन या खुजली से उसे साफ कर पायें।


2) बारिश के मौसम में शिशु के कपडे

बारिश का मौसम सर्दी या गर्मी के मौसम से काफी अलग होता है । जिस में हम सर्दी और गर्मी दोनों का अनुभव करते है। इसलिए बारिश का मौसम आप के शिशु के लिए आप को ऐसे कपड़े का चयन करना होता है जो तापमान में उतार-चढ़ाव के अनुरूप हो, जैसे मुलायम सूती कपड़े, अधिमानतः पूरी आस्तीन के साथ, न केवल उन्हें गर्म रखेंगे बल्कि उन्हें कीट/मच्छर के काटने से भी बचाएंगे। लेकिन आप को इस समय ओवरड्रेसिंग से भी बचना आवश्यक होता है। ओवर ड्रेसिंग से आपके शिशु को पसीना आ सकता है और जिससे नमी आ सकती है।

नमी ठंडक का कारण बनती है और शरिर में बैक्टीरिया और अन्य वायरल इन्फेक्शन के लिए एक पोषकता क्रिएट कर सकते है। इसलिए इस मौसम में अपने शिशु के बार-बार कपडे बदलने की आवश्यकता होती है।


3) साफ प्राइवेट पार्ट

baby care in rainy season करते वक्त हमें सब से ध्यान देनेवाली बात है की आप अपने शिशु के निजी अंगों ( private parts) को अच्छी तरह से साफ सुथरा और सुखा रखना चाहिए। जिसे की आप के शिशु के इन अंगों पर किसी भी तरह के राशेस ना आने पायें।

साथ ही आप यदि आप के शिशु के लिए डायपर का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आप को शिशु के डायपर को बार-बार चेक करने की आवश्यकता होती है और यदि डायपर गीला है तो आप को उसे तुरंत बदल देना चाहियें और उस जगह की सफाई करना चाहियें हालांकि तापमान गिरने पर शिशु को बार-बार यूरिन आना आम है, इसलिए कोशिश करें कि शिशु का डायपर फ्री रहे।


4) ब्रेस्ट फीडिंग और उपरी खाने पर ध्यान रखें

नवजात शिशु की रोग प्रतिरोध क्षमता ( Immunity) को बढ़ने के लिए जरुरी है की शिशु को पर्याप्त मात्रा में माँ का दूध मिलना आवश्यक होता है। अपने नवजात शिशु को दिने में 8 से 9 बार ब्रेस्ट फीडिंग की आवश्यकता होती है।

अगर आप का शिशु 6 माह के ऊपर है तो आप अपने शिशु के आहार पर ध्यान देने की आवश्यकता बारिश के मौसम में होती है। ध्यान रहें आप बहरी खाना बच्चों को देने बचें। ज्यादा से ज्यादा घर का बना खाना अपने बच्चों को देना चाहियें। साथ ही बच्चों को पानी पिलाते वक्त उस पानी को उबाल लेना आवश्यक है। अगर आप अपने बच्चों को फॉर्मूला मिल्क देते हो तो जरूरी है की आप पानी को पहले उबाल कर ठंडा कर लें और बाद में उस में फार्मूला मिल्क मिलाएं।


5) स्वच्छता बनाए रखें

अगर आप के घर में नवजात शिशु या छोटे बच्चे है तो आप को और आप के फमिल्ल्य के अन्य सदस्यों को भी स्वच्छता का ध्यान रखना आवश्यक है। ध्यान रखें की माँ या घर का कोई भी सदस्य बाहर से आने के बाद शिशु को हाथ लगाने के पहलें हाथों, कपड़ों को स्वच्छ कर लें। जिस जगह शिशु रहता है या जिस भी रूम में शिशु रह रहा है उस की साफसफाई आवश्यक है।

baby care in rainy season करते वक्त हमें कई तरह से नमी का ध्यान रखना होता है जो बैक्टीरियल इन्फेक्शन का कारण हो सकती है। इसलिए शिशु तथा बच्चों की बेडशीट तथा अन्य चीजें साफ सूत्री, स्वच्छ और सुखी होनी चाहियें।


6) शरीर/कमरे का तापमान बनाए रखें

सर्दी या गर्मी के मौसम में हम जिस तरह से अपने शिशु के लिये कमरे का तापमान maintain करने के लिए या शारीर का तापमान ठीक रखने के लिए घरों में एयर कंडीशनर का प्रयोग करते है यह एक आवश्यकता बन गया है। लेकिन बारिश का मौसम सर्दी और गर्मी दोनों के साथ आता है जिस से हमारे लिए ध्यान रखने वाली बात है की हम अपने कमरे का तापमान सही तरह से बनायें रखें। हमें इस बात शुक्र है की आज एयर कंडीशनर विभिन्न सेटिंग विकल्पों और मौसम के अनुकूल मोड के साथ आते हैं। इसलिए अपने बच्चे को सहज रखने के लिए उसके अनुसार तापमान निर्धारित करें।


7) स्प्रे और तेल क प्रयोग

आप जानते है की बारिश के मौसम में कई तरह के harmful बैक्टीरिया के साथ साथ मच्छर और अन्य कीटकों की संख्या काफी बढती है जो कई तरह की बिमारियों के कारक होते है। इसलिए हमें अपने शिशु और बच्चों को इस से बच्चेने के लिए कभी-कभी कीटाणुनाशक या अन्य चीजों का छिड़काव करना आवश्यक होता है। जिस से हम बच्चों को सुरक्षित रख सकें साथ ही हम हल्के लैवेंडर के तेल बच्चे की त्वचा को लगा सकते है जो बच्चों तथा शिशु के लिए सबसे अच्छे और प्राकृतिक होते हैं ताकि आप बाहर रहते हुए उन्हें मच्छरों के काटने से सुरक्षित रख सकें।


8) भीड़-भाड वाली जगह से बच्चों को दूर रखें

baby care in rainy season करते वक्त हमें अपने शिशु को भीड़-भाड़ वाली जगह पर ले जाने से बचना चाहिए क्यों की सब से ज्यादा वायरल इन्फेक्शन हवा द्वारा ही होता है। बारिश के मौसम में लोग कई तरह से वायरल इन्फेक्शन का शिकार हो जाते है और सर्दी जुकाम जैसी आम समस्याएं बनी रहती है।

आप के लिए आवश्यक है की अपने शिशु को ऐसे बहरी वायरल इन्फेक्शन से बचाएं इस के लिए आप अपने शिशु के साथ भीड़-भाड़ वाली जगह का परहेज करें। अपने बच्चे को भीड़-भाड़ वाली जगहों पर ले जाने का मतलब संक्रमणों को खुला निमंत्रण देना है। बारिश के मौसम के दौरान ज्यादातर संक्रमण हवा में होता है, इसलिए भीड़-भाड़ वाली जगहों से बच्चों तथा शिशुओं को बचाना चाहिए।


9) पसीने को सोखने के लिए  टैल्कम पाउडर का प्रयोग ना करें

आप ने देख होगा बारिश के मौसम में भी गर्मी का स्तर बना रह सकता है जिस के लिए कई माएं अपने शिशु को  टैल्कम पाउडर लगाती है। यह आप के शिशु के लिए काफी हानिकारक हो सकता है।  टैल्कम पाउडर शरीर की त्वचा के साथ मिलकर शिशु का असहज कर सकता है साथ ही यह शिशु के शरीर के अंदर चला जाएँ तो काफी घातक सिद्ध हो सकता है। इसलिए जरुरी है की आप अपने शिशु का पसीना या गिलावा पोछने के लिए या सुखाने के लिए मुलायम और सूती कपडें का ही प्रयोग करें।


10) अपने docters से बातचीत करें

यदि आप का शिशु बैक्टीरियल या वायरल इन्फेक्शन का शिकार हो गया है तो आप तुरंत अपने फॅमिली डॉक्टर्स से सला-मशवरा करें। हम आप को कभी भी स्व-दवा की सलाह नही देना चाहते। माता-पिता के रूप में आप किसी भी आपात स्थिति में सामान्य सर्दी, खांसी और बुखार के लिए बुनियादी दवाओं और खुराक के लिए हमेशा अपने बाल रोग विशेषज्ञ से बात कर सकते हैं।


संबोधन

आप के शिशु या बच्चे हर माता-पिता के लिए सब से ज्यादा अहम होते है। माँ-बाप अपने बच्चों के अच्छे स्वास्थ के लिए काफी कुछ करते है। अगर कोई शिशु वायरल इन्फेक्शन या बैक्टीरियल इन्फेक्शन की चपेट में आता है तो सब से ज्यादा tention मातापिता को ही आता है। इसलिए हमें अपने बच्चों को पूरा ख्याल रखना है।

अगर हम baby care in rainy season के इस आर्टिकल में दिए गये टिप्स को fallow  करते है तो यकिनन हमारा शिशु स्वस्थ रहने में हमें काफी मदद मिल सकती है। साथ ही हम आप को बता देना चाहते है की बच्छों को होनेवाले इन्फेक्शन को हलके में ना लें और तुरंत अपने डॉक्टर्स या बल विशेषज्ञ से सम्पर्क करें।

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