कमजोर नवजात शिशु की पहचान और देखभाल। Premature baby care in hindi

premature baby in hindi

premature baby care in hindi

नवजात शिशु की पहचान और देखभाल करते वक्त सब से पहले तो parents को यह मालूम होना चाहिए कि अपना baby prematuare है कमज़ोर है तो उन्हें बिल्कुल चिंता नहीं करनी और बिल्कुल भी घबराना नहीं है। बस उसकी अच्छे से care करना होता है। दुनिया में ऐसे कई example देखें जा सकते है जो birth के वक्त prematuare हो कर भी आगे चलकर उन्होंने अपना नाम कमाया।

Example के तौर पर आप The great scientist सर न्यूटन का ही example ले सकते है। जो बचपन में काफ़ी कमज़ोर थे। इसलिए parents को यह खयाल मन से निकाल देना चाहिए की अगर बच्चा कमज़ोर पैदा हुआ है तो lifetime वह कमज़ोर रहेगा। या दुनिया की रेस में आगे नहीं बढ़ पाएगा। ऐसा नहीं है। बस उसे सही पालन पोषण और आप के प्यार दुल्हार की ज्यादा जरूरत है। कमजोर नवजात शिशु की पहचान और देखभाल Prematuare baby care in hindi के इस आर्टिकल में हम कमज़ोर, prematuare baby की देखभाल संबंधी जानकारी को जानेंगे।और उसे सही पोषण और उनकी handling और care के बारे में भी समझते है

 

 कमजोर नवजात शिशु की पहचान और देखभाल। Premature baby care in hindi

Prematuare या कमज़ोर शिशु किसे कहते है।जो baby 9 month में पैदा होते है, जिनका weight normally 3kg के ऊपर है और जिनके जन्म होते ही सूसू पौटी 24 घंटे के भीतर हो गई। जो अच्छे से दूध पी पा रहे है। जिन्हे भुक ज्यादा लग रही है। बार बार दूध की मांग करते है। उन्हे हम healthy baby कहते है। और जो समय के पूर्व जैसे एक week के पहले, या 15 days के पहले या 1 month के पहले ही पैदा हुए है। जिनका weight 2kg के अंदर है। जो ठीक से दूध नहीं पी पा रहे। उन्हे सूसू पॉटी करने में परेशानी हो रही है। ऐसे बच्चों को हम prematuare या कमज़ोर बच्चे कहते है।

 

कमज़ोर शिशु के जन्म के कारण। Premature baby care in hindi

 

 जो baby 1 week पहले या पंद्रह दिन पहले या 1month पहले पैदा होते हैं। उनकी मां के पर में growth नहीं हो पाती। क्यों कि नौवें महीने में baby की growth सबसे तेजी से होती है। उसका weight बढ़ता है। उस वक्त baby को मां से सबसे ज्यादा fats, proteins, irons मिलते है। और immunity जो बच्चे को अपने मां से मिलती है। उस से बच्चा healthy पैदा होता है। लेकीन जब बच्चा 1 week पहले, या पंद्रह दिन पहले या एक या दो month पहले पैदा होता है उसे यह सब नहीं मिल पाता इसलिए बच्चा कमज़ोर और unmatuare पैदा होता है। 

 

कमज़ोर शिशु के जन्म के दूसरे कारण। Premature baby care in hindi

Baby के जन्म के पूर्व हमें काफ़ी बातों का ध्यान रखना होता है। Pregnancy के दौरान हमें काफ़ी सतर्क भी रहना होता है। जब हम सतर्कता नहीं रखते तो prematuare baby के जन्म का खतरा बढ़ जाता है।

Pregnancyके दौरान कोई भी औषधि या tablets हम डॉक्टर्स के सलाह के बिना ना लें। इस बात का ध्यान रखना जरूरी होता है। कभी कभी हम Pregnancy के दौरान किसी pain killar का इस्तेमाल डॉक्टर्स को पूछे बिना करते है। जिस से हमारा दर्द तो ठीक हो जाता है किन्तु इस के side effects पेट मे पल रहे बच्चे पर होता है।जिस के कारण उसके अंग विकसित नहीं हो पाते।

कभी कभी मां के गर्भाशय के छोटे होने के कारण भी premature डिलीवरी की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है।

यदि plecenta द्वारा baby को blood suply में कोई रुकावट या परेशानी हो रही हो तो इस case में भी premature डिलीवरी की संभावना अधिक होती है।

Pregnency के दौरान यदि मां के आहार में कमी आई हो या मां का weight कम हो तो भी कमज़ोर शिशु को जन्म देने की संभावना होती है। pregnency के दौरान कॉफी या चाय जैसे पेय की अधिकता और अनियमित दिनचर्या के कारण भी कमज़ोर शिशु के जन्म की संभावना हो सकती है। इसलिए आपको pregnency के दौरान अपने आहार जा विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है।

यदि आपका पहले misscarrige या abortion हुआ हो तो premature डिलीवरी की संभावना रहती है। या यदि आप एक से ज्यादा शिशु की मां बनने जा रही हो जिसे हम multiple pregnency भी कहते है तो भी समय से पहले शिशु का जन्म होने की संभावना बढ़ जाती है।

NICU ट्रीटमेंट। Premature baby care in hindi

NICU में होती है कमजोर नवजात शिशु की पहचान और देखभाल।

हमारे देश मे premature baby birth का प्रमाण लगभग 15% है। याने हर 100 baby के पिछे 15 premature baby पैदा होते है। और आज के दौर में लगभग 84% बच्चे hospital में पैदा होते है। इसलिए जो भी बच्चे premature होते है उन्हे NICU में रखा जाता है। हॉस्पिटल के डॉक्टर्स और नर्सेस baby की care करते है। NICU में बच्चों को categery के अनुसार रखा जाता है। जैसे

NICU के तीन लेवल होते है।

  1. Basic treatment NICU
  2. Middle level NICU
  3. Intencive care NICU
  1. जो बच्चे 35 week के पहले जन्मे हैं और जिनका weight लगभग 1.8kg या उस से कम होता है। वह बच्चे Intencive care NICU में आते है।
  2. जिन बच्चों को जन्म होने के बाद से ही सांस लेने में तकलीफ़ होती है। और शरीर को oxygen की कमी की वजह से जो बच्चे जन्म के बाद रोते नहीं है। वह बच्चे middle level NICU में आते है।
  3. तीसरा जो basic reason होता है वह होता है बेसिक infection जिसकी वजह से बच्चे NICU में रखें जाते है वह basic treatment NICU में रखें जाते है। Jaundice के कारण भी बच्चे NICU में आते है।


मैक्सिमम ट्रीटमेंट पीरियड्स। Premature baby care in hindi

जो बच्चे Jaundice के NICU में जाते है वह बच्चे maximum 3 से 5 दिन में ठीक होते है।जिन बच्चों को सांस लेने में तकलीफ़ होती है। जिनकी शरीर में oxygen की कमी होती है। उन बच्चों को 10 से 15 दिन NICU में लग सकते है। जो बच्चे infection की वजह से NICU में आते है उन्हे 7 दिन से 3 week का टाइम लग सकता है।अभी हमारे देश में भी technology का इस्तेमाल होने लगा है और knowledge भी बढ़ गया है इसलिए हमारे दिश में NICU से 96% से उपर बच्चे survive होते है।

(after NICU) घर पर कैसे करें कमज़ोर शिशु की देखभाल। Premature baby care in hindi

हॉस्पिटल से घर आने के बाद भी हमें baby care करना जरूरी होता है। खास कर premature बच्चों के बारे में हमें सजग रहने की आवश्यकता होती है। आओ देखते है हमें अपने घर किस तरह से premature बच्चों का खयाल रखना है। किस तरह से उनकी care करनी है।

जब बच्चे हॉस्पिटल में होते है तब डॉक्टर्स और नर्सेस बच्चों की अच्छी देखभाल तो करती ही है। लेकीन हमें भी डॉक्टर्स से बात करती रहनी चाहिए। उनके introction को fallow करते रहना चाहिए।

जब हम बच्चे को घर पर लेकर आते है तो हमें काफ़ी carefull रहने की जरूरत होती है।

घर पर कैसे करें कमजोर नवजात शिशु की पहचान और देखभाल। Premature baby care in hindi

 

Room treatment

  • पहले तो जब हम अपने शिशु को घर पर लाते है तब उसे अच्छे से साफ-सुत्रे कमरे में ही रखना चाहिए। जहां हवा अच्छे से आती जाती हो।
  • जिस बेड पर हमारा शिशु रह रहा है। उस बेड का disinfection करना जरूरी है। ताकि किसी भी वजह कोई infection ना हों। जो कपड़े हम बच्चे को पहना रहे है। वह रोज अच्छे से धोकर और अच्छी तरह से सुखाकर ही हमें पहनाने है।
  • जहां बच्चा है उस room में जहा तक हो सकें out side visitors कम से कम आए ऐसा प्रोवीजन रखें। जब मां और बच्चा घर पर आते है तब काफ़ी relative और पड़ोसी बच्चे को देखने आते है। और बच्चे को टच करते है। उनके साथ harmful bacteriaes आ सकते है। आपका बच्चा अभी भी sensetive है। जिस की वजह से infection हो सकता है। इसलिए इस बात को ध्यान में रखना बहुत ज्यादा जरूरी है।
  • बच्चे को ज्यादा से ज्यादा कमरे में ही ristrict रखें। उस ज्यादा बाहर बा घुमाएं। बाहर के atmosphere में बैक्टीरिया हो सकते है जिसे infection होने के chanches होते है।
  • और एक महत्वपूर्ण बात यह है कि घर के सदस्य जैसे बच्चे के munmy pappa और दादा दादी , नाना-नानी, uncle या anty वगैरे सब hand wash किए बगैर बच्चे को handle नहीं करना है। और बच्चे को कम से कम handle करना है।
  • अगर घर में किसी भी सदस्य को सर्दी खांसी या किसी तरह का viral infection है तो कोशिश करें की वह बच्चे की संपर्क में ना आए।
  • Premature या कमज़ोर बच्चे खुद का temprature maintain नहीं के पाते। इसलिए जिस रूम में आपका बच्चा रह रहा है उस रूम का temprature जरूर maintain करें। रूम का temprature 20° से 25° C का होना चाहिए।

 

Feeding treatment

बच्चे के feeding पर विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। ध्यान रहें बच्चे को मां का ही दूध पिलाना है। मां का दूध ही बच्चे के लिए सर्वेतुपरी है। मां का दूध बच्चे के लिए अमृत समान है। बच्चे की सबसे ज्यादा immunity मां के दूध से ही बढ़ती है। इसलिए मां का दूध ही बच्चे को पिलाना चाहिए। अगर किसी कारण मां बच्चे को दूध नहीं पीला पा रही हो तो ही डॉक्टर्स की सलाह से formula feed देना चाहिए।

  •  Feeding के बाद बच्चे को burping करना बहुत जरूरी होता है। जिसे हम डकार दिलाना भी बोलते है। जिस मे बच्चे को कंधे पर रख कर 2 से 3 मि. उसकी पीठ को थपथपाना होता है। Proper तरीक़े से burping कराना जरूरी होता है।
  • बच्चे की bathing का भी ध्यान हमें रखना होता है। वैसे तो जब तक बच्चे की नाल नहीं गिरती तब तक बच्चे की bathing avoid करनी चाहिए। इस दौरान बच्चे की week में एक या दो बार बच्चे की स्पांजिंग करनी चाहिए। Bathing करते वक्त हमें ध्यान रखना है खासकर सर्दियों के मौसम में कि बच्चे का temprature ड्रॉप नहीं होना चाहिए।

डॉक्टर्स को तुरंत दिखाएं।

( कमजोर नवजात शिशु की पहचान और देखभाल Premature baby care in hindi के इस article में हम आपको सुझाव देते है कि यदि नीचे दी गई समस्या आप अपने शिशु में पाते है तो तुरंत डॉक्टर्स को दिखाएं)

  • अगर आप के बच्चे के अन्दर आपको नीलापन दिखाई दे रहा है। या बच्चा तेज गति से सांस ले रहा है। या बच्चे को सांस लेने में तकलीफ़ हो रही है। रुक रुक के बच्चा सांस ले रहा है तब हमें बच्चे को हॉस्पिटल जरूर लेके जाना है। इस में कोई भी ढिलाई नहीं बरतनी है।
  • बच्चे का रोना बढ़ गया है। या कई घण्टों से बच्चा रों रहा है । Proper तरीकों से feed नहीं कर पा रहा है। या बच्चे के पेट के अंदर बहुत ज्यादा आफ़रा आ गया है। बच्चा बहुत ज्यादा उल्टियां करने लग गया है। या अपनी आंखे उप्पर कर रहा है। या बच्चे की activity एकदम धीमी हो गई है। अगर इन में से कोई भी चीज आप बच्चे में पाते है तो आपको तुरंत डॉक्टर्स के पास बिना देरी किए जाना चाहिए।

 Premature baby की केयर करने के किए देखभाल करने के लिए parents को hard working की आवश्यकता होती है। तो यह बात बहुत important है कि खुद parents अपने health का ध्यान रखें। समय पर खाना और पूरी नींद लें। और सबसे जरूरी है कि parents को mentally और physically strong रहना होगा। तभी वह अपने बच्चे की अच्छी तरह देखभाल कर सकेंगे।

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आपको हमारा कमजोर नवजात शिशु की पहचान और देखभाल premature baby care in hindi का यह आर्टिकल कैसा लगा हमें जरूर बताएं। आपके हमारे लिए कुछ suggestions हो तो वह भी हमें comment box में कॉमेंट्स कर जरूर बताए।

premature baby care in hindi
नवजात शिशु की पहचान और देखभाल

 

मेरा नाम SANDEEP DHORE हैं, और मैं CHILD-CARE इस Blog का फाउंडर हूं। साथ ही में कई वेबसाइट के लिए Content Writings भी करता हूं। इस ब्लॉग द्वारा में नवजात तथा छोटे बच्चों के Health, Care, Fashion, Products और Lifestyle से जुड़ी जानकारी देता हूं, ताकि Parents को अपने बच्चों से जुड़े सवालों के जवाब मिल सकें।

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