बच्चे के दांत की पहली समस्या का सम्पूर्ण और easy समाधान। बच्चे के दांत निकलते हो तो क्या करना चाहिए? आओ जानते है

एक शिशु के जन्म के बाद जब बच्चे के दांत निकलना शुरू होते है तब बच्चे को कहीं मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। बच्चे के दांत की पहली समस्या का समाधान करने के लिए हर parents को क्या करना चाहिए। यह हम इस आर्टिकल में जानेंगे।

हर नए parents को है पता होना चाहिए कि बच्चे के दांत कब निकलते है? जन्म के बाद बच्चे के दांत कौन से महीने में निकलते है? दांत निकलने पर क्या करें? या हमें क्या क्या करना चाहिए? बच्चे के दांत निकलने के लक्षण क्या है? बच्चे के दांत की पहली समस्या को हम किस तरह से handle के सकते है? दांत निकलने पर बच्चे को क्या खिलाना चाहिए? बच्चे को होनेवाली परेशानियों के घरेलू उपाय क्या है? इन सभी बातों को हम इस आर्टिकल के माध्यम से जानेंगे।

 

बच्चे के दांत की पहली समस्या
बच्चे के दांत की पहली समस्या

बच्चे के दांत निकलते हो तो क्या करना चाहिए?

बच्चे को दांत आना यह पल हर parents के लिए खुशी और चिंता वाला होता है। खुशी इसलिए की उनका शिशु दांतों के साथ solid खाना अच्छे से खा सकता है इस बात से हर parents खुशी महसूस करते है। और चिंता इसलिए की दांत निकलते समय बच्चे के दांत की पहली समस्या भी आती हैै।

बच्चे के दांत कब निकलते है?

Normally जब शिशु 4 से 7 महीने का हो जाता है तब बच्चे को दांत आना शुरू हो जाते है। और एक एक कर के 24 से 30 महीने तक बच्चे को पूरे दांत आ जाते है। शिशु के दांतों को संख्या 20 होती है।

 

शिशु को जो 4 से 7 महीने में दांत आना शुरू होते है उन्हे “दूध के दांत” (milk teeth) कहते है। जिस की प्रक्रिया 4 से 7 महीने से लेकर 24 से 30 महीनों तक कि काफी लंबी होती है। और हमारे बच्चे के लिए भी तकलीफ़ वाली होती है। बच्चा जब 6 साल का हो जाता है तब यह दूध के दांत गिरना शुरू हो जाते है उस के बाद जो नए दांत आते है वह हमारे बच्चे के permenent दांत होते है। जिस का पूरा सेट 32 दांतों का होता है।

 

जन्म के बाद 4 से 7 महीने बच्चे के दांत ना निकले तो क्या करना चाहिए?

Normally शिशु के जन्म के बाद 4 से 7 महीने में बच्चे के दांत निकलना शुरू हो जाते है। लेकिन कुछ बच्चों में ऐसा नहीं होता। शिशु के जन्म के बाद 12 से 15 महीने में भी शिशु के दांत निकलना शुरू नहीं होते। इस के कारण उन बच्चों के praents काफी चिंतित रहते है। और बच्चों को दांत आने के लिए कई उपायों को खोजते है। और परेशान होते है।

लेकिन यह एक साधारण बात है। कुछ बच्चों में दांत देरी से निकलने की संभावनाएं होती है। जिस से किसी भी parents को डरना या परेशान नहीं होना चाहिए। क्यों की देरी से दांत निकलना यह कोई समस्या नहीं है। कभी किसी बच्चे का पहला दांत निकलने का समय 12 से 15 महीने का भी हो सकता है।

 

बच्चे के दांत निकलने के क्या लक्षण होते हैं?

हर parents का यह सवाल रहता है कि बच्चे के दांत निकलने के क्या लक्षण होते है? कैसे पहचानेंगे की बच्चे के दांत निकलने वाले है। बच्चे के दांत की पहली समस्या क्या हो सकती हैं? ऐसे कई सवाल parents के मन में आते है। तो हम पहले बच्चों के दांत निकलने के लक्षणों को जानते है।

  • बच्चे के दांत निकलते समय जो मसूड़े होते है। वह फूलना शुरू हो जाते है। लाल होना शुरू हो जाते है। ऐसे वक्त बच्चा अपना हात या उंगली मुंह में डालकर चबाने की कोशिश करता है। या किसी वस्तु को मुंह में डालकर चबाने की कोशिश करता है।
  • दांत निकलते समय बच्चे के मुंह से बार बार थुंक निकलती है जिस से हम लार भी कहते है।
  • दांत निकलते समय बच्चे का कुछ ना कुछ चबाने का मन करता है। मसूड़ों के दर्द में कुछ चबाने से बच्चे को आराम मिलता है। इसलिए वह कोई भी चीज़ मुंह में डाल कर चबाने की बार बार कोशिश करता है।
  • ऐसे बच्चे में irritation काफी बढ़ जाता है। ऐसे वक्त बच्चे में चिड़चिड़ा पन आता है। उसका body temprature भी थोड़ा बढ़ जाता है। बच्चा पूरी तरह से feeding नहीं करता।

सवाल :-दांत निकलते समय बुखार और दस्त क्यों होते है?

जवाब :- बच्चे के दांत की पहली समस्या जो होती है वह है बच्चों को बुखार होना और बच्चों को दस्त होना। अमूमन लोग या parents यह समझते है कि दांत निकलने से बच्चों की दस्त होती है? जो कि पूरी तरह से गलत है। बच्चे के दांत निकलना और बच्चे को दस्त होना यह दोनों चीजे अलग अलग है।

दांत निकलने से बच्चे को दस्त नहीं होती बल्कि दांत निकलते वक्त बच्चे का कुछ भी या कोई भी चीज चबाने का मन करता है जिस से या के मसूड़ों के दर्द मे राहत मिलती है। जो चीज बच्चे अपने मुंह में रखते है। उस पर कई तरह के बैक्टीरिया और जीवाणु होते हैं जो बच्चे के पेट मे जाते है। जिस के कारण बच्चों को दस्त, उल्टी जैसी समस्याएं होती है।


सवाल :- दांत निकलते समय बच्चे को बुखार होना।

जवाब :- दांत निकलते समय बच्चे को हल्का बुखार हो सकता है। क्यों की जब body का कोई part जब तकलीफ़ देता है या उस के दर्द होता है तो अमूमन हमारे brain का ध्यान उस पर ज्यादा हो सकता है जो हमारे body temprature को थोड़ा बढ़ा सकता है। इस बात की साबित तो नहीं किया गया किन्तु ऐसा हो सकता है। क्यों की एक बच्चा जब teething जैसी शारीरिक बदलाव की की प्रक्रिया से गुजरता है। तो उसे काफी तकलीफ़ तो होती है।

दांत जो आते है वो मसूड़ों को चीरकर बाहर आते है। जी कारण बच्चे को परेशानी से गुजरना पड़ता है ऐसे में body का हल्का सा temprature बढ़ना एक आम बात होती है।


सवाल :- बच्चों के दांत निकलने के दौरान कौन कौन से शारीरिक प्रभाव पड़ता है?

जवाब :- बच्चे के दांत की पहली समस्या की अगर हम बात करे तो बच्चों के दांत निकलते समय बच्चों पर कई तरह का शारीरिक प्रभाव पड़ता है। जिसे बच्चा भी irritated हो जाता है। जैसे बच्चे के मसूड़े फूल जाते है। उस में जलन, खुजली और काफी दर्द बच्चे को होता है। बच्चे का सिर गर्म हो जाता है। बच्चे का body temprature भी बढ़ जाता है। बच्चे कुछ भी मुंह में डालने से बच्चों में दस्त या कब्ज़ जैसी समस्या आ जाती है।

मसूड़ों के सुजन होने की वजह से बच्चों के कानों की नसे भी थोड़ी फूल जाती है। बच्चों के आंखों में दर्द होता है। उस दौरान बच्चा काफ़ी चिड़चिड़ा हो जाता है। ज्यादा रोने लगता है।


दांत निकलने पर क्या करें?

बच्चे के दांत कब निकलते है? जन्म के बाद बच्चे के दांत कौन से महीने में निकलते है? दांत निकलने पर क्या करें? या हमें क्या क्या करना चाहिए? बच्चे के दांत निकलने के लक्षण क्या है? यह सब जानने के बाद अब parents के मन में जो सवाल आता है वह यह है कि बच्चे के दांत निकलने पर क्या करें? कोई भी parents अपने शिशु को होनेवाली तकलीफ़ में जरूर परेशानी महसूस करेंगे। इसलिए यह जानना भी आवश्यक है कि बच्चों के दांत निकलने पर क्या करें। आओ जानते है।

 

अपने बच्चे को तकलीफ़ में देखने पर हर parents काफी परेशान हो जाते है। और यह natural है। दांत निकलते समय बच्चों की होनेवाली तकलीफ़ हर parents के लिए काफी बेचैन करती है। कई parents इस के लिए डॉक्टर्स के पास जाते है। कुछ दवाइयां वगैरा देने की कोशिश करते है।

 

parents के लिए जरुरी.....
लेकिन आप को इस बात को समझना पड़ेगा और थोड़ा संयम रखना पड़ेगा। दांत निकलना यह एक natural growth process है। जिसे बच्चे को face करना ही है। हम अगर allopathic या ऐसी कोई दवाइयां बच्चों को देते है तो इसका बुरा असर बच्चे के बाकी body organs पर पड़नेका खतरा हो सकता है। हा teething के वक्त हम कुछ घरेलू उपायों को कर सकते है। Teething के वक्त बच्चे को दस्त ना हो या बच्चा बीमार ना पड़े इसलिए हम कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरूरी होता है।

 

बच्चे के दांत निकलने पर घरेलू उपाय

बच्चे के दांत की पहली समस्या के लिए हम जरूर कुछ घरेलू उपायों को कर सकते है। ऐसे कई घरेलू उपाय है जिस से हम बच्चे के दांत की पहली समस्या में अपने बच्चे की help कर सकते है। आओ जानते है।

  • आप अपने हाथों को अच्छे से धोकर साफ करें। डेटॉल या अच्छे साबुन से हाथ धो लें और आपने हाथ की एक उंगली बच्चे के मुंह में डालकर बच्चे के मसूड़ों की हल्की मालिश करें। इस से बच्चे के मसूड़ों में होनेवाले दर्द से बच्चे को थोड़ा आराम मिल जाएगा। लेकिन ध्यान रखने वाली बात यही है कि आप का हाथ या उंगली अच्छे से साफ और किटाणु रहित होनी चाहिए।
  • पानी को अच्छे से उबाल कर अपने घर में फ्रीज में रख दें। और उस अच्छा ठंडा होने दे।और कभी आप को लगे की बच्चा मसूड़ों के दर्द से irritated हो रहा है तब आप एक साफ और अच्छे से धुला हुआ कपड़ा उस ठंडे पानी में भिगो कर अपने बच्चो के मसूड़ों पर हल्का हल्का दबाएं। उस से भी बच्चे को काफी आराम मिलता है।
  • बच्चे के दांत की पहली समस्या में आप बच्चे को फ्रीज में रखा हुआ ठंडा गाजर ता खीरा भी चबाने को दे सकते हो। उस से भी बच्चे के मसूड़ों को थोड़ा आराम मिलता है।
  • दांत निकलते समय बच्चे को breast feeding करने से भी काफी आराम मिलता है। इसलिए बच्चे के दांत निकलते समय आप बच्चे को ज्यादा breast feeding करा सकती है।
  • दांत निकलते समय बच्चे को प्रोटीनयुक्त आहार का सेवन कराएं।

बच्चे के दांत निकलने की दवा
calcarea phas नामक दवाई आप बच्चे के दांत निकलते समय दे सकते है। यह एक होमियोपैथिक दवाई है। जो है सालों से इस्तेमाल हो रही है। जो टैबलेट्स के form के उपलब्ध है। यह कैल्शियम base टैबलेट्स है। कई लोगों जा मानना है की calcarea phas टैबलेट्स teething के दौरान बच्चे को काफी आराम पहुंचाती है और कई लोग इस बात को नहीं मानते। इस लिए हम उस tablets के बारे में पुरजोर दावा नहीं कर सकते। और ना ही किसी बात की पुष्टि कर सकते है।

 

बच्चों के दांत निकलने में देरी

बच्चों के दांत निकलने में देरी के कुछ कारण हो सकते है जो की normal होते है। जैसे…

    • बच्चों में देरी से दांत निकलने की समस्या आनुवंशिक भी हो सकती है। जैसे बच्चे के माता पिता में यदि देरी से दांत निकले हो तो यह बच्चों के भी देख सकते है।
    • यदि बच्चा rikets का शिकार हुआ है तो भी बच्चे के देरी से दांत निकलने की संभावना का इनकार नहीं कर सकते।
    • Vitamin D , कैल्शियम की कमी से भी बच्चों में देरी से दांत निकलने की संभावना होती है।
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मेरा नाम SANDEEP DHORE हैं, और मैं CHILD-CARE इस Blog का फाउंडर हूं। साथ ही में कई वेबसाइट के लिए Content Writings भी करता हूं। इस ब्लॉग द्वारा में नवजात तथा छोटे बच्चों के Health, Care, Fashion, Products और Lifestyle से जुड़ी जानकारी देता हूं, ताकि Parents को अपने बच्चों से जुड़े सवालों के जवाब मिल सकें।

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