क्या आप अपने बच्चों के लिए खिलौने खरीद रहें है? बच्चों के खिलौने और उस से जुड़ी 10 important बातें जान लीजिए।

क्या आप अपने बच्चों के लिए खिलौने खरीद रहें है?

बच्चों के खिलौने
बच्चों के खिलौने

 

क्या बच्चों के लिए खिलौने महज एक खेलने का साधन होते है?

बच्चों के लिए खिलौने महज खेलने का साधन नहीं होते बल्कि उनके शारीरिक और मानसिक विकास एवं बौद्धिक क्षमताओं के विस्तार के लिए भी खिलौने महत्वपूर्ण होते है। एक शिशु के जीवन में सब से पहला दोस्त उसका खिलौना ही तो होता है।

आज कल parents बच्चों के जन्म के पूर्व ही ढेर सारे खिलौनों का चयन करते है। या खरीद कर रखते है। लेकिन क्या हमें पता है कि हमने बच्चों के लिए उचित खिलौनों का चयन किया है? क्या हम यह जानते है के बच्चों के लिए कौन से खिलौने उनके शारीरिक और मानसिक विकास में मददगार साबित होते है? क्या हम यह जानते है की किस उम्र में बच्चों को कौन से खिलौनों का आकर्षण हो सकता है? क्या हम बच्चों के लिए खिलौने का चयन करते वक्त सही या गलत में फर्क करते है?

यदि आप बच्चों के लिए खिलौने खरीद रहे है तो आप को हमारी 10 important बातों को जरूर जानना चाहिए। जो बाते जानकर आप अपने बच्चों के लिए उचित खिलौनों का चयन कर पाए।

बच्चों के लिए खिलौने खरीदते वक्त ध्यान रखें।

वैसे तो हम बच्चो के लिए खिलौने खरीदते वक्त कुछ खास ध्यान नहीं रखते। जो भी खिलौने हमें अच्छे लगते है वहीं हम अपने बच्चों के लिए खरीदते है। लेकिन बच्चों के लिए क्या सही क्या गलत इस बात को ध्यान हम नहीं रखते। किस तरह के खिलौनों से बच्चों में शारीरिक और दिमागी progress होगी इस बात को भी खयाल शायद ही आता होगा।

इस आर्टिकल में हम बच्चों के लिए कौन से उम्र में किस तरह के खिलौने बच्चों को सही विकास की ओर लें जाते है यह बताएंगे। बच्चों के शारीरिक और दिमागी विकास को ध्यान में रखकर हमने कुछ तथ्यों को सामने रखने का प्रयास किया है। जिस से आपको बच्चों के लिए खिलौने खरीदते वक्त खिलौनों का चयन करने मै आसानी होगी और बच्चे भी खिलौनों का भरपूर आनंद उठाएंगे।

0 से 6 महीने के बच्चों के लिए खिलौने

बच्चे खेल खेल में नई नई strategyके साथ खुद की पर्सनालिटी को development करना सीखते है। और हमें बच्चों के इसी skill को बढ़ावा देने के लिए खिलौनों को जरिया बनाना होगा। बच्चे किस खिलौने से खेलते है यह उसके दिमागी विकास के लिए जरूरी नहीं है। जरूरी है कि बच्चे किस तरह से खिलौनों के साथ खेल पाते है। जन्म से 2 साल के भीतर बच्चों का 80% brain developing हो जाता है। जन्म से 6 month बच्चों के पांचों ज्ञानेन्द्रिय (five senses) जैसे त्वचा, कान, नाक, आंखें और जीभ developing stage में होते है। इसलिए हमें इस stage में बच्चों के लिए ऐसे खिलौने चुनने चाहिए जिसे उस के पांचों ज्ञानेंद्रियों में improvment हो सकें।

Playmats and baby gyms

0 से 6 महीने के बच्चे ज्यादा तर लेटे रहते है। इस तरह के बच्चों के लिए खिलौने खरीदते वक्त हमें उसी type के खिलौनों का चयन करना होता है। इसलिए Playmats and baby gyms एक बढ़िया और atractive खिलौना साबित होता है। जिस मे अलग अलग कलर्स और shape के खिलौने लटके होते है। बच्चे के ऊपर लटके होने के कारण बच्चे इसे अच्छी तरह देख पाते है।

0 से 6 महीने के बच्चों को colours की अच्छी पहचान कराने के लिए भी यह toy काफी helpful साबित होता है। जिस मे कई तरह के atravtive colours और अलग अलग तरह के shape में toys लटके हुए होते है। जिसे बच्चे आराम से लेटे लेटे खेल सकते है। बच्चे उन toys की तरफ़ हाथों और पैरों को बढ़ात है। जिस मे बच्चों की अच्छी activity हो जाती है।

Baby rattles

0 से 6 month के बच्चों के लिए खिलौने लाते वक्त baby rattles को ना भूलें। झुनझुनी जिसे baby rattles भी कहते है। यह खिलौना बच्चों की देखने और सुनने की क्षमता को काफ़ी improve करता है। आजकल बच्चों के लिए socks rattles भी आते है जिस में बच्चों के हाथ या पैर हिलाने से झुनझुन वाली आवाज होती है। जिस मे बच्चों को काफ़ी मज़ा भी आता है और उस की activity भी होती है। और socks rattles के साथ साथ rattles balls भी मार्केट में available है।

1 साल के बच्चों के लिए खिलौने

जैसे जैसे बच्चे बढ़े होते जाते है उनकी activity बढ़ जाती है। खुद को आगे धकेलने की कोशिश करते है उठने की चलने की कोशिश करते है। उनकी सुनने देखने की क्षमता भी बढ़ती है। इस उम्र में बच्चों को activity करने वाले या बोलने वाले और musical toys काफी अच्छे लगते है। एक जगह से दूसरी जगह जाने वाली चीजे बच्चों को चलने में बढ़ावा देते हैं। दूर से आवाज की पहचानने की क्षमताओं में भी विकास होता है।

Shake and dance fun toys

1 साल के उम्र के आसपास के बच्चों के लिए खिलौने choose करते वक्त हमें ध्यान रखना पड़ता है। इस वक्त बच्चे की activity बढ़ जाती है। उनकी activity को हमें बढ़ावा देना जरूरी है हम उनके लिए shake and dance fun toys को choose कर सकते है। हिलने डुलने और चलने वाले toys बच्चों को activities को समझने में मदद करते है। और उन्हे भी चलने उठने के लिए प्रोत्साहित करते है। यदि toy में हिलने के साथ कोई musical instrument add हो तो बच्चे उसके रिदम को अच्छे से समझते है।

Teethers and soothers

6 महीने के आस पास ही बच्चों में दांत आना शुरू हो जाते है। जिस से बच्चों के मसूड़ों में समय समय पर दर्द होता है। ऐसे में बच्चे चीज़ो को मुंह में डालकर चबाने की कोशिश करते है। जिस से कई harmful बैक्टीरिया बच्चों के शरीर में जाते है जिसे बच्चों को दस्त और कई समस्याएं आ सकती है। इस के लिए Teethers and soothers जैसे toy हमारे लिए और बच्चों के लिए काफी helpful साबित होते है।

1 से 2 साल के बच्चों के लिए खिलौने

खिलौने बच्चों के skill को बढ़ाते है। बच्चों में skill को develope करते है। इसलिए बच्चों के लिए खिलौने जरूरी है। 1 साल के ऊपर के बच्चों में logical thinking develope होना शुरू हो जाता है। जैसे धकेलना, पकड़ना, फेंकना जैसी कई एक्टिविटी बच्चे सीखने की कोशिश करते है। ऐसे में हमें बच्चों के logical thinking को बढ़ावा देने की जरूरत होती है। इसलिए हमे ऐसे बच्चों के लिए खिलौने choose करने होंगे जिस से वो चीज़ो को समझ सकें।

building blocks toys

Building blocks toys से बच्चों को चीजों को लगाने के तरीके समझ में आते है। बच्चे जब blocks को एक दूसरे मे फिट करने की कोशिश करते है तब उनमें eye hand cordination improve होने में काफी मदद मिलती है।

Colourfull balls

बच्चे colourfull balls के साथ जब खेलते है तब उन्हे colours को पहचानने में काफी मदद मिलती है।इस के साथ balls को एक जगह से दूसरी जगह पर फेकना, पकड़ना या धकेलने जैसी activity को बच्चे अच्छे से समझ पाते है।

shape वाले toys

Shape वाले toys के साथ बच्चे अच्छे से घुलमिल जाते है। Square, triangle, rectangle, circle जैसी shape बच्चे पहचानने लगते है। इस के साथ बच्चों की brain developing में काफ़ी मदद होती हैं।

बच्चों के लिए खिलौने खरीदते वक्त रखे इन बातों का ध्यान।

जब हम अपने बच्चों के लिए खिलौने खरीदते है तो हम काफी कुछ बातों को avoid करते है जिस से हमारे बच्चों को और साथ है हमें कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए हमें जरूरी बातों का ध्यान रखना ही चाहिए।


खिलौनों पर लिखी worning को पढ़ना जरूरी।

अगर आप किसी खिलौने को खरीद रहे हो तो खिलौने के लेबल पर दी जानेवाली instruction और warning को जरूर पढ़े। अगर आपका बच्चा 3 साल या उस से कम आयु का है तो label पर दिखने वाली worning को आप को पढ़ना ही चाहिए। बिना worning पढ़े कोई भी खिलौना खरीदना आप बच्चे के लिए घातक सिद्ध हो सकता है।


खिलौनों की sefty check करना जरूरी।

बच्चों के लिए खिलौने खरीदते वक्त खिलौनों की sefty check करना जरूरी है। अक्सर बच्चे खिलौनों पर गिर जाते है। या खिलौनों को मुंह में डाल देते है। यदि खिलौने sharp और pointed होंगे तो इस से बच्चों को चोट लगने का खतरा बना रहेगा। इसलिए खिलौने खरीदते समय sefty check करना जरूरी है कि खिलौने sharped और pointed तो नहीं है।


ज्यादा लंबी रस्सी वाले खिलौने ना खरीदें।

अगर खिलौने ज्यादा लंबी रस्सी वाले हो तो इस से बच्चों को काफी परेशानी हो सकती है। रस्सी पैर में अटक कर बच्चे गिर सकते है जिस से बच्चों को चोट लग सकती है। या किसी case में रस्सी बच्चों के गले का फंदा भी बन सकती है।


थोड़े बड़े और मजबूत खिलौने ही खरीदे।

बच्चे अक्सर खिलौने मुंह में डालते है। यदि बच्चों के खिलौने छोटे हो या किसी खिलौने के part easily अलग होते हो तो बच्चे में मुंह में अटक सकते है। जिसे काफी dangerous situation create हो सकती है। बच्चे कई बार खिलौने जोर से पटक देते है जिस से खिलौने टूटकर बिखर जाते है जिस से बच्चों को चोट लगने का खतरा बना रहता है।इसलिए ध्यान रखें खिलौने मजबूत हो।


Loud sound वाले खिलौने ना लें।

ज्यादा sound वाले खिलौनों से बच्चों के कानों में तकलीफ़ हो सकती है। बच्छेके body organs अभी भी पूरी तरह से विकसित नहीं हुए है। ज्यादा sound वाले खिलौने बच्चों के कानों को नुकसान पहुंचा सकते है। ज्यादा sound से बच्चे irrited हो सकते है। जिस से बच्चों में चिड़चिड़ापन बढ़ता है।


Non-Toxic toys ही खरीदें।

जब बाजारमें आप बच्चों के लिए खिलौने खरीदने जाते हो तो खिलौने खरीदते समय यह ध्यान रखें कि खिलौने Non-Toxic हो। खिलौनों में किसी भी प्रकार का chemical बा मिलाया गया हो। Chemical से युक्त खिलौने आप के बच्चे के skin या आप के बच्चों के लिए घातक सिद्ध हो सकते है।


डरावने खिलौने बच्चों के लिए ना खरीदें।

किसी भी प्रकार के डरावने खिलौने अपने बच्चों के लिए ना खरीदें। डरावने खिलौनों से आप का बच्चा डरा और सहमा रह सकता है। जिस से उस का आत्मविश्वास कम हो जाएगा। जिसे भविष्य में एक डरपोक व्यक्ति बनाने की संभावनाओं को खारिज नहीं किया जा सकता।


छोटे बच्चों को battery वाले खिलौने ना दें।

छोटे बच्चों को baterry वाले toys ना दे। Battery जो होती है वह lithium की होती है। और छोटे बच्चे अक्सर खिलौनों को तोड़कर चीजों को मुंह में डाल देते है। Lithium के battery के आप के बच्चे के लिए घातक परिणाम हो सकते है।


अपने बच्चों के लिए खिलौने खरीदते वक्त आप यदि इन बातों का ध्यान रखे तो आप अपने बच्चे के लिए best खिलौने खरीद सकते हो। जिसे आप का बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास अच्छे से हो पाए और आप के बच्चों को खेलते वक्त ज्यादा खुशी मिलें।

बच्चों के खिलौने
बच्चों के खिलौने

मेरा नाम SANDEEP DHORE हैं, और मैं CHILD-CARE इस Blog का फाउंडर हूं। साथ ही में कई वेबसाइट के लिए Content Writings भी करता हूं। इस ब्लॉग द्वारा में नवजात तथा छोटे बच्चों के Health, Care, Fashion, Products और Lifestyle से जुड़ी जानकारी देता हूं, ताकि Parents को अपने बच्चों से जुड़े सवालों के जवाब मिल सकें।

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