2 month baby care in hindi में जानें हम अपने baby का खयाल रखने के easy tips

2 month baby care in hindi में जानें 2 महीने के बच्चे की देखभाल कैसे करें?

 

 2 month baby care in hindi
2 month baby care in hindi

जन्म के बाद हमारा baby एक नई दुनिया में कदम रखता है। यह दुनिया उस के लिए नई है हमें अपने baby को इस नई दुनिया से अच्छे से Introduce कराना है। month by month baby care tips को हमें fallow करना है। हमारा baby  नही जानता उसे क्या चाहिए? या क्या नहीं। वह नहीं जानता की उसे के लिए कौन सी चीजें अच्छी है या बुरी? इस लिए हमें अपने baby का पूरा ख्याल रखना है। हमें बच्चे के सभी Activities पर अच्छे से ध्यान देना है। जब हमारा baby रोता है तो क्या वह केवल भूख के लिए रो रहा है या और किसी परेशानी की वजह से रो रहा है इस बात को हमें समझना है।

2 month baby care in hindi में हम 2 महिने तक शिशु की विकास प्रक्रिया को जानेंगे। 2 महीने से बच्चे के कोशिका तंत्र का विकास तेजी से होने लगता है। उसकी आकलन क्षमता का विकास होना शुरू हो जाता है। कई चीजें बच्चे सिखने की कोशिश करते है। इस दौरान बच्चे के ज्ञानेन्द्रियों का भी विकास होना शुरू हो जाता है। आवाज को सुनना, अपने आसपास की चीजों को देखना, आवाज बनाने की कोशिश करना, साथ ही चीजों को हाथ में उठाकर मुंह में डालना जैसी कई activities की शुरवात 2 महीने से हम बच्चे में देख सकते है।

इस 2 month baby care in hindi  के 2 महीने के बच्चे की देखभाल कैसे करें? इस आर्टिकल में हम 2 महीने के शिशु की देखभाल करते वक्त हमें किन बातों का ध्यान रखना है यह जानेंगे। साथ ही 2 महीने के शिशु के Activities क्या क्या होती है यह भी जानेंगे और शिशु के शारीरिक, मानसिक और दिमागी विकास के लिए हमें किन बातों का खयाल रखना चाहिए इस बात की भी चर्चा इस आर्टिकल में करेंगे।

2 Month baby का शारीरिक विकास (2 month baby care in hindi)

अगर हमें ये पता ही नही की 2 महीने के दौरान बच्चे का शारीरिक विकास कैसे होगा? 2 महीने में बच्चे की लम्बाई कितनी बढनी चाहिए? वजन कितना रहना चाहियें? 2 महीने में बच्चे की भूख कितनी बढती है? 2 महीने का बच्चा कितनी देर सोता है? और 2 महीने के शिशु की शारीरिक विकास की प्रक्रिया कैसे चलती है? तो हम अपने बच्चे की देखभाल कैसे कर पाएंगे।इसलिए इन सभी बातों को हमें जरुर जान लेना चाहिएं ताकि हम अपने बच्चे की अच्छी तरह से देखभाल कर सकेंगे।

2 महीने के दौरान बच्चे की वजन और लम्बाई

जन्म के बाद कुछ दिनों में newborn baby का weight थोडा घटता है, और उस के बाद शिशु के वजन में बढ़ोतरी शुरू हो जाती है। इसलिए हमें इस बात को समझना चाहिए और जन्म के बाद यदि शिशु का weight थोडा घटता भी है तो हमें चिंता करने की जरूरत नही होती।

जन्म के बाद 15 से 20 दिन baby के weight में हम बदलाव नही देखते लेकिन उस के बाद या दुसरे महीने के शुरवात से ही हम बच्चे के वजन में फर्क देख सकते है। 2 month में baby का weight सामान्य तौर पर 4.1 kg से 6.1 kg तक बढ़ता है जों की 2 month baby का सामान्य और आदर्श weight है।

वैसे तो शिशु की लम्बाई और वजन शिशु की गर्भ में होने वाली activites पर निर्भर करती है जो आप अपने docters और विशेषज्ञ द्वारा अच्छी तरह जान सकते है। किन्तु सामान्य तौर पर जन्म से दों महीने तक शिशु की लम्बाई (height)  60 सेमी. तक बढती है।

शारीरिक और मानसिक विकास की स्थिति

2 महीने का शिशु सामान्य तौर पर काफी active हो जाता है और कई तरह की बातों को शारीरिक और मानसिक दृष्टी से समझने की कोशिश करता है। जैसे अपने perents के आलावा घर के अन्य सदस्यों के बार बार दिखने वाले चेहरे को समजना, किसी आवाज की और अपना ध्यान केन्द्रित करना,  आवाज की और देखने का प्रयास करना, भूख लगने या किसी अन्य परेशानी की वजह से रो कर अपनी तरफ ध्यान खींचना जैसे activites को करने की कोशिश करता है। जो एक शिशु के लिए मानसिक विकास की बेहतर स्थिति को स्पष्ट करती है।

2 माह में एक शिशु अपने शारीरिक विकास में भी आगे बढ़ता रहता है जैसे अपने हाथों को, गर्दन को हिलाना, किसी हिलती वस्तू को देख कर अपने आँखों और गर्दन को adjust करना और साथ ही जब parents अपने बच्चे को पेट के बल लिटाते है तो अपनी गर्दन को उठाना जैसी कई छोटी छोटी एक्टिविटीज हम 2 महीने के शिशु में देख सकते है।

साथ ही 2 माह के बच्चों में बौध्दिक स्तर पर समझ भी बढती है। जिस में कीसी क्रिया पर प्रतिक्रिया देना शामिल होता है। जैसे,  किसी को मुस्कुराते देखकर मुस्कुराना, किसी आवाज पर आवाज के माध्यम से प्रतिक्रिया देना, किसी चीज के प्रति अपने लगाव को स्पष्ट करना और भूख लगने पर या किसी परशानी की वजह से रो कर अपनी आवर perents का ध्यान आकर्षित करना जैसी कई एक्टिविटीज शामिल होती है।

2 महीने के बच्चे में भूख का बढ़ना (2 month baby care in hindi)

जन्म से ले कर पहले महीने के बाद बच्चे की भूख का बढ़ना स्वाभाविक और सामान्य होता है। जो की एक जरुरी बात होती है। जन्म के बाद शिशु  जब दुसरे महीने की और बढ़ता है तो तुस के मानसिक, शारीरिक और बौध्दिक विकास में भी बढ़ोतरी होती है जो बच्चे को काफी active करती है। जिस में बच्चे की एक्टिविटीज बढ़ने के साथ साथ बच्चे की भूख भी बढ़ना स्वभाविक है।

दुसरे महीने में भी बच्चे का पाचन तंत्र पूर्ण रूप से मजबुत नही होता इसलिए हमें अपने शिशु को बाहरी या उपरी किसी भी चीज को खाने में नही देना है। 2 महीने में भी बच्चे के लिए माँ क दूध ही सम्पूर्ण आहार होता है। यदि किसी गंभीर कारणवश हम बच्चे को माँ का दुध नही दे पाते तो ही हमें अपने docters की सलाह से बच्चे को फार्म्युला मिल्क दे सकते है।

पहिले महीने के मुकाबले 2 महीने में शिशु के भूख में बढ़ोतरी होती है।  जहाँ पाहिले महीने में एक शिशु को औसतन 450 ml से लेकर 600 ml तक का दूध अपने दैनंदिन आहार के लिए जरुरी होता है वहीँ दुसरें महीने में उस के आहार में बढ़ोतरी होना आम बात है जिस में एक शिशु दिन में 9 से 10 बार  स्तनपान द्वारा 750 ml से लेकर 900 ml तक दूध पि सकता है। यह एक नार्मल बात है।

2 month baby care in hindi

2 माह के शिशु का किस तरह से विकास होता है यह तो आप जान ही गये होंगे। आगे हम जानेंगे की अपने शिशु के दुसरे माह में हमें अपने baby के विकास के लिए किस तरह से help करनी है और कौन सी बातें हमें ध्यान रखनी है। साथ ही हमें अपने शिशु को मानसिक,शारीरिक,और बौध्दिक स्तर पर सक्षम बनाने के लिए क्या क्या करना चाहिए यह भी जान लेते है।

टीकाकरण

हमारे शिशु का स्वास्थ हमारी पहिली piority होनी चाहिए। और हमारे शिशु के स्वास्थ सम्बन्धी किसी भी बात को हमें नजरंदाज नही करना चाहियें। जैसे बच्चों को समय पर टीकाकरण करना अनिवार्य होता है। सरकार के आरोग्य और बाल विकास विभाग तथा अपने docters  द्वारा निर्देशित सभी जरुरी टिके हमें समय पर अपने शिशु को देने चाहिए।

2 महीने के शिशु में इम्युनिटी सिस्टम थोडा कमजोर होता है जो किसी भी गंभीर बीमारी का शिकार हो सकता है। इसीलिए समय पर टीकाकरण आवश्यक है। जन्म के बाद 2 महीने में याने 6 से 9 weeks के दौरान शिशु को कुछ जरुरी टिके लगवाना आवश्यक है। जैसे,  diphtheria, tetanus, and whooping cough (pertussis) vaccination, Hib (Haemophilus influenzae type b) vaccination, Pneumococcal conjugate vaccine (PCV13), Rotavirus vaccine, Hepatitis B vaccine जैसे जरुरी टिके 2 महीने के शिशु को लगवाना आवश्यक होता है। बच्चे को लगनेवाले टिके सम्बन्धी जरुरी जानकारी हम अपने docters और विशेषज्ञों से ले सकते है।

2 महीने के बच्चे की देखभाल कैसे करें?

पहले महीने के मुकाबले 2 महीने में बच्चे की एक्टिविटीज में काफी बढ़ोतरी होती है जिसे बच्चे ज्यादा थकन भी महसूस करते है और फीडिंग के बाद जहाँ पहिलें महीने में बच्चे एक बार में  1 से 2 घटें की नींद लेते है वही 2 महीने में शिशु की नींद एक बार में 4 से 5 घंटे के भीतर हो सकती है। जो दिन में कुल 15 से 17 घंटें की नींद बच्चे ले सकते है जो बच्चे के सामान्य तौर  पर स्वस्थ होने के संकेत होते है।


2 महीने में भी baby malish जरुरी

शिशु के शारीरिक, मानसिक, बौध्दिक तथा भावनिक विकास के लिए baby malish बहुत जरुरी और महत्वपूर्ण होता है। शिशु के लिए मालिश के कई सारे फायदे होते है। जैसे, शिशु के मांसपेशियों को मजूबती, रक्त नलिकाओं में सुचारू रूप से रक्त संचार की क्रिया होना,  शिशु के वजन में बढ़ोतरी के साथ दिमागी क्षमताओं का विकास भी मालिश से ही जुड़ा होता है। इसलिए शिशु की मालिश शिशु के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


बच्चों को होनेवाले rashes का रखें ध्यान

आम तौर पर शिशु को डायपर के गीला रहने से और पसीने से भी rashes हो सकते है। जिसे शिशु को काफी तकलीफ और परेशानी होती है। या इस के कुछ गंभीर परिणाम भी हो सकते है इसलिए हमें बच्चों में होने वाले rashes का ध्यान जरुर रखना है।

आप को समय समय पर अपने शिशु के डायपर को check करते रहना है और जभी डायपर गिला होता है आप को तुरंत उसे बदल देना है जिस से आप के बच्चे को डायपर से होने वाले rashes से बचे जा सकें।  और पसीने से होने वाले rashes आमतौर पर गर्मियों के मौसम में होते है इस के लिए आप को गर्मी में अपने शिशु को ढीले और नर्म सूती कपडे पहनाने चाहिए और ध्यान रखना चाहिए की आप के शिशु को गर्मी न हो।


parents के लिए जरुरी बातें

2 month baby care in hindi के इस आर्टिकल में हम parents के लिए कुह जरुरी tips लायें है जिसे आप fallow करते है तो यक़ीनन आप के शिशु के विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते है।

  • अपने शिशु को दिन में ३ से 4 बार 5 से 7 मिनट के लिए पेट के बल जरुर लिटाना चाहिए। जिस से शिशु के मांसपेशियों, बाहें और गर्दन को काफी फायदा होता है। जिस में काफी मजबूती आती है। विशेषज्ञ औरdoctersइस बात कोrecumentsकरते है जिसे विशेषज्ञtummy timeकी संज्ञा देते है।
  • parentsके लिए यह जरुरी है की अपने शिशु के साथ ज्यादा से ज्यादाtimeबिताना आवश्यक है। जिस से आप अपने शिशु के सम्पूर्ण विकास के लिए काफी मदद कर सकते है।
  • अपने शिशु के साथ ज्यादा से ज्यादा खेलें और अपने शिशु को ज्यादा से ज्यादा अपने स्पर्श से अवगत कराएँ
  • अगर आप को लगता है की आप का शिशु पेट के बल लिटाने पर भी गर्दन को ऊपर उठाने तथा अपने बाहों को हिला ने में निरुत्साही है तो आप अपनेdoctersकी सलाह जरुर लें।
  • 2 महीने के शिशु अपने आसपास के लोगों को पहचान सकते है तथा रंगों की समझ भी बच्चों में विकसित होना शुरू हो जाती है। आप कई तरह के रंगों के खिलौने बच्चों के सामने रख सकते है जिस से उनकी बौध्दिक क्षमताओं को बढाने में मदद मी सकती है।
  • बच्चों पर कोई भी घरेलु उपचार अजमाने से पहले घरेलु उपचार के विशेषज्ञों से अथवा अपनेdoctersसे परामर्श लेना आप के लिए हमेशा उचित साबित होता है। जो आप के शिशु के लिए महत्वपूर्ण है।

अपने शिशु की देखभाल काफी महत्वपूर्ण होती है जो आप के शिशु को मानसिक, शारीरिक और दिमागी तौर पर सक्षम बना ने के लिए काफी जरुरी भी है। 2 month baby care in hindi के इस आर्टिकल में हम ने आप के लिए आप के शिशु के सस्म्बन्धी महत्वपूर्ण जानकारी साँझा की है। जो आप के लिए और आप से जुड़े अन्य लोगों के लिए भी काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इसलिए आप हमारे 2 month baby care in hindi के इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। जिसे हमारे इस आर्टिकल द्वारा प्रस्तुत जानकारी को जान सकें।

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मेरा नाम SANDEEP DHORE हैं, और मैं CHILD-CARE इस Blog का फाउंडर हूं। साथ ही में कई वेबसाइट के लिए Content Writings भी करता हूं। इस ब्लॉग द्वारा में नवजात तथा छोटे बच्चों के Health, Care, Fashion, Products और Lifestyle से जुड़ी जानकारी देता हूं, ताकि Parents को अपने बच्चों से जुड़े सवालों के जवाब मिल सकें।

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